पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तोशखाना मामले में इमरान खान को गिरफ्तार करने पुलिस उनके घर पहुंची, लेकिन इमरान खान अपने कमरे से नदारत थे। इस्लामाबाद पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि जब एसपी उनके कमरे में पहुंचे तो इमरान वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद पुलिस नोटिस देकर लौट गई। दरअसल, मामले में पुलिस के बयानों से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पुलिस की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि फिलहाल इमरान खान को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं है। दूसरी ओर खबर है कि इस्लामाबाद आईजी ने टीम को आज ही इमरान को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

पाकिस्तान इतना जलील कभी नहीं हुआ- इमरान

दूसरी तरफ, गिरफ्तारी से बचकर निकले इमरान ने पीएम शहबाज शरीफ पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान इतना जलील कभी नहीं हुआ, हमारा क्राइम मिनिस्टर भीख मांगता घूम रहा है। इमरान ने अपने समर्थकों से कहा, आप मेरे टाइगर्स हैं। मैं कभी किसी के सामने नहीं झुका हूं, हम सिर्फ अल्लाह के सामने झुकने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा, ऐसे देश का क्या ही भविष्य होगा जहां बदमाशों को शासक बना दिया जाता है। शहबाज शरीफ 8 अरब रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग और 16 अरब रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में दोषी साबित होने वाले थे। तभी जनरल बाजवा ने सुनवाई टालकर उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया। उधर जमान पार्क के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फवाद चौधरी ने कहा- अगर इमरान खान को गिरफ्तार किया गया तो पाकिस्तान में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा।

7 मार्च को इमरान खान की पेशी

इससे पहले इस्लामाबाद पुलिस ने ट्वीट किया था कि इमरान गिरफ्तारी से बचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। खान को 7 मार्च को इस्लामाबाद कोर्ट के सामने पेश होना है। पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के वाइस चेयरमैन शाह महमूद कुरैशी ने कहा, इमरान अपनी लीगल टीम के साथ बैठक करेंगे। जिसके बाद वो अपनी आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे।

क्या है तोशखाना मामला?

इमरान खान पर गिरफ्तारी की यह तलवार तोशखाना मामले में लटक रही है। दरअसल तोशखाना कैबिनेट का एक विभाग है, जहां अन्य देशों की सरकारों, राष्ट्रप्रमुखों और विदेशी मेहमानों द्वारा दिए गए बेशकीमती उपहारों को रखा जाता है। नियमों के तहत किसी दूसरे देशों के प्रमुखों या गणमान्य लोगों से मिले उपहारों को तोशखाना में रखा जाना जरूरी है। इमरान खान साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे। उन्हें अरब देशों की यात्राओं के दौरान वहां के शासकों से महंगे गिफ्ट मिले थे। उन्हें कई यूरोपीय देशों के राष्ट्रप्रमुखों से भी बेशकीमती गिफ्ट मिले थे, जिन्हें इमरान ने तोशखाना में जमा करा दिया था, लेकिन इमरान खान ने बाद में तोशखाना से इन्हें सस्ते दामों पर खरीदा और बड़े मुनाफे में बेच दिया।

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