उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े माफियाओं में शुमार मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को अवधेश राय हत्याकांड (Awadhesh Rai Murder case) में आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुना दी है। इसके साथ ही मुख्तार अंसारी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पांच बार के विधायक अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है।

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03 अगस्त 1991 को हुई थी हत्या

03 अगस्त 1991 को वाराणसी के लहुराबीर इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने कांग्रेस नेता अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी भी नामजद था। अवधेश के भाई अजय राय (Ajay Rai) ने इस हत्याकांड को लेकर मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह व राकेश न्यायिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने पर अदालत ने मुकदमे में फैसले के लिए 05 जून की तारीख मुकर्रर की थी। विशेष न्यायाधीश (MP-MLA) अवनीश गौतम की अदालत में लंबित मुकदमे में पिछली सुनवाई पर मुख्य आरोपित पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने 41 पृष्ठ में अपनी लिखित बहस अदालत के सामने पेश किया था।

19 मई को फैसला हुआ सुरक्षित

मुख्तार पर अदालत के फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर में वाराणसी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इससे पहले विशेष अदालत ने गत 19 मई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने कहा कि इस हत्याकांड में वह पांच जून को सजा सुनाएगी। अजय राय ने एफआईआर में मुख्तार अंसारी, भीम सिंह एवं पूर्व विधायक अब्दुल करीम को नाम लिया था।

मुख्तार को होगी फांसी की सजा!

बीते एक साल में मुख्तार अंसारी को चार मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन इन सभी मामलों में अवधेश राय हत्याकांड का मामला सबसे बड़ा और सबसे बड़ी सजा के प्रावधान का है। इस मामले में मुख्तार को फांसी की सजा भी हो सकती है।

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