मायावती ने कहा कि केन्द्र में पहले चाहे कांग्रेस पार्टी की सरकार रही हो या अब वर्तमान में बीजेपी की, बीएसपी ने देश व जनहित निहित मुद्दों पर हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका समर्थन किया है तथा 28 मई को संसद के नये भवन के उद्घाटन को भी पार्टी इसी संदर्भ में देखते हुए इसका स्वागत करती है।

देश की नई संसद के उद्धाटन के मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस सहित करीब 20 दल अब तक संसद के उद्धाटन समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान कर चुके हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। लेकिन इस बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं। हलांकि अपनी व्यवस्तता के चलते वो इस उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पायेंगी।

देश के मुद्दे पर BSP ने हमेशा किया समर्थन- मायावती

बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि केन्द्र में पहले चाहे कांग्रेस पार्टी की सरकार रही हो या अब वर्तमान में बीजेपी की, बीएसपी ने देश व जनहित निहित मुद्दों पर हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका समर्थन किया है। अब 28 मई को संसद के नये भवन के उद्घाटन को भी पार्टी इसी संदर्भ में देखते हुए इसका स्वागत करती है।

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उद्घाटन का बहिष्कार अनुचित- मायावती

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा नए संसद का उद्घाटन नहीं कराए जाने को लेकर बहिष्कार अनुचित है। सरकार ने इसको बनाया है इसलिए उसके उद्घाटन का उसे हक है। इसको आदिवासी महिला सम्मान से जोड़ना भी अनुचित है।

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विपक्षी दलों पर माया का निशाना

मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उन्हें निर्विरोध न चुनकर उनके विरुद्ध उम्मीदवार खड़ा करते वक्त सोचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देश को समर्पित होने वाले कार्यक्रम अर्थात नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का निमंत्रण मुझे प्राप्त हुआ है, जिसके लिए आभार और मेरी शुभकामनायें। किन्तु पार्टी की लगातार जारी समीक्षा बैठकों सम्बंधी अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण मैं उस समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी।

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