पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर अति गंभीर चक्रवाती तूफान ‘बिपारजॉय’ के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 15 जून 2023 की शाम बिपरजॉय चक्रवात के जखाऊ पोर्ट (गुजरात) से टकराने का अनुमान जताया है। इस दौरान चक्रवात गुजरात के मांडवी और गुजरात के जखाऊ बंदरगाह के पास सौराष्ट्र और कच्छ व पाकिस्तान के कराची से सटे तटों से टकरा सकता है।

14-15 जून को भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 14 और 15 जून को भारी बारिश की संभावना भी है। गुजरात के 7 जिलों में चक्रवाती तूफान खतरा लगातार बना हुआ है। इसी के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के कार्य पर काफी जोर दिया जा रहा है। आठ जिलों से अब तक करीब 37 हजार लोगों को जोखिम भरे स्थानों से हटाया है।

150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है

चक्रवात कल शाम तक गुजरात के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच गुजरात के जखाऊ बंदरगाह के पास सौराष्ट्र, कच्छ और उससे सटे पाकिस्तान के तटों को पार करने की संभावना है, जिसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटे से लेकर 150 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।

समुद्र में उठ रही ऊंची लहरें

गुजरात में कई जगह समुद्र में ऊंची लहरें उठना शुरू हो गई हैं। वहीं चक्रवात बिपरजॉय तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर लोगों को समुद्र में जाने से रोकने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है। चक्रवाती तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने राज्य के तटवर्ती इलाकों में लोगों के जानमाल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ दूसरी तमाम तरह की तैयारियां की हैं। केन्द्र और राज्य सरकार ने मिलकर गुजरात के 6 जिलों में कैंप तैयार किए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री समेत राज्य के सभी आलाधिकारी दिन-रात हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

NDRF-SDRF की टीम तैनात

चक्रवात बिपरजॉय पर NDRF डीआईजी ने बताया कि जिन इलाकों में ज्यादा क्षति होने की आशंका है, वहां से लोगों को हटाया जा रहा है। अब तक 37 हजार लोगों को हटाया जा चुका है। इसके लिए NDRF की 17 और SDRF की 13 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 15 टीमों को आरक्षित रखा गया है। कच्छ, पोरबंदर, द्वारका, राजकोट, जूनागढ़ व मोरबी में टीमें तैनात हैं।

द्वारका के भड़केश्वर महादेव मंदिर की दीवार टूटी

जानकारी है कि गुजरात में चक्रवात बिपरजॉय के कारण हो रही बारिश और तेज हवा के चलते द्वारका के प्रसिद्ध भड़केश्वर महादेव मंदिर की एक दीवार टूट गई है। वहीं, जगत मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में काफी कमी देखी जा रही है। गोमती घाट पर बड़ी-बड़ी लहरें उठ रही हैं। केवल इतना ही नहीं यहां पूरे जिले में 1 से 3 इंच तक बारिश हुई है। द्वारका जिले में भी NDRF और SDRF की चार टीमें तैनात की गई हैं।

आगे बढ़ रहा चक्रवात बिपरजॉय

पिछले छह घंटों के दौरान पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ चक्रवाती तूफान बिपरजॉय पूर्वोत्तर अरब सागर से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। यह गुजरात में जखाऊ बंदरगाह से लगभग 290 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, देवभूमि द्वारका से 300 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में, नलिया से 310 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में, पोरबंदर से 350 किलोमीटर पश्चिम में और कराची (पाकिस्तान) से 370 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में है।

पीएम मोदी ने भी की बैठक

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोमवार को चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और गुजरात के मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ बैठक की थी। अरब सागर में उठा यह चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। चक्रवात गुजरात के अलावा मुंबई, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में पहुंचने की आशंका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तूफान सबसे अधिक गुजरात को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए गुजरात के कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरी जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस तूफान से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

37 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

इस संबंध में गुजरात के मुख्य सचिव राजकुमार ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और जिला प्रशासन के साथ गांधीनगर में हुई बैठक में बताया कि आठ जिलों कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, जामनगर, देवभूमि-द्वारका, गिर, सोमनाथ, मोरबी और राजकोट से 37 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

इन जिलों में दवा व अन्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इन जिलों के 521 पीएचसी, सीएचसी, अस्पतालों को स्वास्थ्य रक्षक दवाओं, उपकरणों, जनरेटर से सुसज्जित किया गया है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 157 एंबुलेंस सेवाओं सहित कुल 239 एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गई हैं। कच्छ जिले में इस तूफान के व्यापक प्रभाव की संभावना के बाद, कच्छ में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए 40 हजार से अधिक भोजन के पैकेट, दो हजार किलोग्राम दूध पाउडर और 45 हजार टेट्रा पैक दूध तैयार किया गया है।

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