यूपी के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में वजूखाने को खोलने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम निर्देश जारी किया है। मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए वाराणसी प्रशासन को वैकल्पिक समाधान खोजने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 अप्रैल को वाराणसी के जिलाधिकारी को इस मामले में एक मीटिंग बुलाकर समाधान खोजने का आदेश दिया है। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई अब 21 अप्रैल को करेगा।

वजू का स्थान विवादित- SGI

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वजू करने की जगह विवादित है और वहां शिवलिंग होने की बात है, इसलिए यह मांग समस्या पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इसपर कलेक्टर और मस्जिद कमेटी फैसला ले सकती है।

सुप्रीम कोर्ट का ने कहा 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता वजू के लिए सही जगह की मांग कर रहा है। उनकी इस समस्या का हल निकालने के लिए कल एक जरूरी बैठक कर कोई निर्णय लेना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर बैठक में कोई हल निकलता है या मोबाइल वॉशरूम के लिए आपसी सहमति बनती है तो बिना हमारे अगले आदेश के इसे लागू दर दिया जाए।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, वाराणसी के सेशंस कोर्ट ने ज्ञानवापी में गौरीशंकर की पूजा करने के लिए याचिका दाखिल की थी। सेशंस कोर्ट ने मस्जिद में सर्वे कराने का आदेश दिया। जिसके बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया कि मस्जिद में शिवलिंग है जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना था कि यह एक फव्वारा है। हालांकि सेशंस कोर्ट ने हिंदू पक्ष की बात को मानते हुए विवादित स्थान को सीलबंद करने का आदेश दे दिया था।

सेशंस कोर्ट के इस आदेश के ख़िलाफ़ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया। सुप्रीम कोर्ट ने सीलबंद जगह को खोलने का आदेश तो नहीं दिया लेकिन कोर्ट ने वाराणसी के ज़िला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने का आदेश ज़रूर दिया कि मस्जिद में मुस्लिमों के नमाज़ अदा करने का आधिकारी प्रभावित न हो।

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