कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 23 मार्च को सूरत कोर्ट से मिली 2 साल की सजा को आज सत्र न्यायालय में चुनौती दी है. दरअसल, 2019 के ‘मोदी सरनेम’ को लेकर मानहानि में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राहुल को दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी. राहुल ने आज इसी फैसले को चुनौती देते हुए सूरत सेशन कोर्ट में अपील दायर की है .सेशन कोर्ट राहुल गांधी को जमानत भी मिल गई है। कोर्ट ने राहुल की अपील स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख तय की है.

राहुल के साथ प्रियंका समेत तीन CM भी मौजूद रहे

राहुल गांधी ने इस याचिका में मानहानि केस में दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की है, ताकि उनकी लोकसभा सदस्यता भी बहाल हो सके. क्योंकि 23 मार्च को कोर्ट से सजा होने के बाद राहुल की संसद सदस्यता नियमानुसार रद कर दी गयी थी. सूरत सेशन कोर्ट में राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और तीन कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद रहे.

सत्र न्यायालय में 2 अपील दायर

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी सजा को चुनौती देते हुए सूरत सत्र न्यायालय में अपील दायर की। अपील दो आवेदनों के साथ की गई- पहला ‘Application For Suspension Of Sentence’ होगा. ये रेगुलर बेल का आवेदन है. ये मिलने की संभावना होती है. दूसरा ‘Application For Suspension Of Conviction’ होगा. ये दोष को स्टे करने का आवेदन है. तो इस संबंध में लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना जारी करने के अधीन, लोकसभा की उनकी सदस्यता बहाल कर दी जाएगी, लेकिन इसमें समय लग सकता है.

राहुल पर मानहानि का केस

बता दें, राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कर्नाटक के कोलार में टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘सारे चोरों के नाम मोदी कैसे हैं’. इसके बाद उनके खिलाफ केस हुआ था. उन पर पूरे मोदी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धूमिल करने का आरोप लगा था. 23 मार्च काे मानहानि के इस मामले में राहुल काे दोषी ठहराया गया था और दो साल की सजा दी गई थी, जिसके बाद उन्हें लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था

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