उत्तराखंड के टिहरी में दशरथ पर्वत पर बादल फटने से देवप्रयाग में भारी नुकसान हुआ है. बादल फटने के बाद मूसलाधार बारिश होने के कारण पूरा मंजर तबाही में बदल गया. इस दौरान आईटीआई का तीन मंजिला भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गया. वहीं शांता नदी से सटी दस से अधिक दुकानें भी बह गई. देवप्रयाग नगर से बस अड्डे की ओर आवाजाही करने वाला रास्ता और एक पुलिया पूरी तरह से ध्वस्त हो गई. मलबे में किसी के दबने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है. कोरोना कर्फ्यू के कारण आईटीआई सहित दुकानों के बन्द रहने से भारी.जान माल का नुकसान होने से बच गया.

जानकारी के मुताबिक देवप्रयाग के दशरथ पर्वत पर बादल फटने की घटना से दशरथ पर्वत से निकलने वाली शांता नदी अचानक भारी ऊफान पर आ गई. भारी मात्रा में पानी के साथ मिट्टी और पत्थरों ने शांति बाजार में तबाही मचा दी. जिससे सीमेंट और सरियों के पिलरों पर खड़ा आईटीआई का तीन मंजिला भवन जमीदोज हो गया. बता दें कि इससे पहले भी 3 मई को टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिले में बादल फटने की खबर सामने आई थी. वहीं, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिलों में बादल फटने की खबर का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों से फ़ोन पर जानकारी ली और उन्हें प्रभावितों को तुरंत राहत और सहायता राशि देने के निर्देश दिया है.

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 12 और 13 मई के लिए भारी बारिश का ऑरेज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा 11 और 14 मई को राज्य के अनेक पर्वतीय जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 12 मई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ जिले में कहीं कहीं भारी बारिश, गर्जना, आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है, उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ में कहीं कहीं बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है.

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